कल्याण सिंह को जब 2009 में बीजेपी ने पार्टी से निकाल दिया तो वे समाजवादी पार्टी के समर्थन से एटा से लोकसभा पहुँचे। सपा ने उस सीट से अपना कैंडिडेट नहीं दिया। BJP ने उन्हें हराने की पूरी कोशिश की। उस समय कल्याण सिंह ने BJP और RSS के बारे में जो “अच्छी” बातें कही थी, उसका कुछ अंश:
"लालजी टंडन नहीं, ये #लालची टंडन है।
गोविंदाचार्य जितना बाहर से काला है
उतना ही मन से #काला है।
अटल बिहारी वाजपेयी ऐसा #ब्राह्मण है
जो पिछड़े वर्ग के नेताओं को बर्दाश्त नहीं कर पाता।"
- दिवंगत नेता #कल्याणसिंह
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