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मेरे दोस्तों यह महज़ सियासत है

 अच्छा न्यूज़ीलैंड की जीत पर पटाखे फोड़ने पर देशद्रोह नहीं लगता क्या ? ऐसा क्यों ? कि ऑस्ट्रेलिया की तारीफ करने पर भी नहीं लगता ? क्या बात है कि क्रिस गेल के प्रति दीवानगी पर नहीं लगता ? अगर खेल से ही देश भक्ति तय होती है तो मलिंगा  के नाम की श्रीलंकाई टीम के समर्थक पर क्यों नहीं ? और क्या सिर्फ क्रिकेट के खेल से ही देशद्रोह और देशभक्ति तय होती है ? पाकिस्तान के खिलाफ एक दर्शक ने मुस्करा दिया ताली बजा दी तो बाबा जी ने देशद्रोह का मुकदमा जड़ दिया ? अगर ऐसे ही देशद्रोह तय होता है तो सबसे बड़ा देशद्रोह देश के प्रधानमंत्री  ने किया है,नवाज शरीफ के घर बिन बुलाए खीर खा कर,अम्मा के लिए सोल साड़ी का आदान प्रदान करना देश द्रोह क्यों नहीं ? और वे आम क्या देश द्रोह की श्रेणी में नहीं आएंगे जो मोदी जी ने खाये थे और मित्र को भी खिलाये थे, मोदी जी बताएं कि ये उनके निजी सम्बन्ध थे या फिर देश का पीएम ये सब कर रहा था ? देश द्रोह सिर्फ क्रिकेट के खेल में ही क्यों ? अगर खेल से देशद्रोह तय होगा तो सानिया मिर्जा को भी देशद्रोही घोषित कर दीजिए क्योंकि वो पाकिस्तानी क्रिकेटर से शादी कर चुकी है,,,मैच के दौरान कॉमेंट्री करने वाले उन तमाम भारतीय क्रिकेटरों पर देश द्रोह जड़ दीजिये ,जो मैच के दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटरों की सैकड़ों बार तारीफ कर जाते हैं,,,देशद्रोह अगर मनोरंजन से तय होता है टी सनी दियोल पर मुकदमा कर दी जिये क्योंकि ग़दर फ़िल्म भी पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा तो सुनी दिओल ने भी लगाया था,, हर उस फिल्म और फिल्मकार को देशद्रोह में जेल भेजिए जो फ़िल्म में पाकिस्तान की तरफदारी की स्क्रिप्ट परोसते हैं ? 

मेरे मासूम दोस्तो,,,ये महज सियासत है,इस चाल को आप समझिए,,, ये सब गुमराह करने वाली बातें हैं,,,,क्रिकेट सट्टेबाजों का खेल है,,,,और ये सट्टेबाजी बड़ी चालाकी से आपके जज्बातों से खेलते हैं ? अवनीश यादव स्वतंत्र पत्रकार

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