Skip to main content

जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है

 जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है हम घर से बाहर निकलना कम कर रहे है, 

किचन की गर्मी से बचने के लिए कभी कभी हम swiggy, zomato या किसी भी ऑनलाइन app से खाना आर्डर करते  है।


एक डिलीवरी बॉय ने कल  डिलीवरी देते समय जो बात बोली dil को छू गयी, 

गर्मी मे पसीने से लथपथ भागता हुआ आया और एक गिलास पानी के लिए पूछा पानी पी कर  पैकेट पकड़ा कर सीढ़ीओ से फटाफट भागने लगा तो उस के स्लिपर की आवाज़ को सुन कर मेने खिड़की से पूछा  इतनी जल्दी क्या है भाई आराम से चले जाओ तब उसने बोला सर एक डिलीवरी है और वो कब से फ़ोन कर के चिल्ला रहे है उन के पास जाने मे लेट हो गया और उन के घर गेस्ट आये हुए है, 


कितना आसान है ना AC 17-18° टेम्प्रेचर मे बैठ कर गेस्ट के सामने डिलीवरी बॉय जो 35-40° मे भाग रहा है उस पर चिल्लाना।


कल कुछ बात सीखी जो आप सब के साथ शेयर करना चाहूंगा 


1)जब भी कोई डिलीवरी के लिए आप के पास आये चाहे टिप दो ना दो इस गर्मी मे एक गिलास पानी जरूर ऑफर करे।


2)वैसे आप के 10-20 रुपए के टिप्स से ना आप गरीब होने वाले, और ना उसकी कोठी खड़ी होनी वाली बस उस के रोजमर्रा की जिंदगी के काम आसान हो जायेंगे(शायद कभी सैलरी टाइम पर ना आये जो की साली प्राइवेट जॉब में कभी नहीं आती घर मे कुछ इमरजेंसी हो तो आप के ये टिप उस को मदद कर सकते है।


3)कुछ ऑनलाइन app आप के फीडबैक देने पर डिलीवरी बॉय को कुछ अमाउंट देती है तो आप अपना थोड़ा सा टाइम निकल कर 5 स्तर रेटिंग डिलीवरी बॉय के लिए कर दीजिए।


4)एड्रेस ना मिलने पर चिल्लाने और आप खुद जीपीएस से ढूंढ लो बोलने से अच्छा आप उसको थोड़ा गाइड कर ले।


5)उस के पास बड़ा सा बैग होता है मुश्किल होता है बैग लेकर 2-3 फ्लोर चढ़ना और उस से ज्यादा मुश्किल होता है वो बैग नीचे छोड़ कर आना तो आप थोड़ा सा 2-3 फ्लोर खुद चल कर अपना 1 पार्सल कलेक्ट कर लो बजाये उस को ऊपर बुलाने के।


6)बीच मे जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड चला था की खाना पैक तो है ना पूछना  (zomato incident)ये पूछ कर आप उस के हार्ड वर्क का मज़ाक ना उड़ाए, 


काम कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, 

हर प्रोफेशन की इज्जत होनी चाहिए।


ना जाने किस मज़बूरी मे इंसान काम करता है 

जान को रिस्क पर रख कर पूरा दिन धुप छाव, गर्मी सर्दी, बरसात मे रोड पर दौड़ता है।


इंसानियत जिंदा रखिए, इंसान बनो

Comments

Popular posts from this blog

आज की भारतीय राजनीति

 एक बनिया था 5 रुपए की एक रोटी बेचता था। उसे रोटी की कीमत बढ़ानी थी लेकिन बिना राजा की अनुमति कोई भी अपने दाम नहीं बढ़ा सकता था। लिहाजा राजा के पास बनिया पहुंचा, बोला राजा साहब मुझे रोटी का दाम 10 करना है। राजा बोला तुम 10 नहीं 30 रुपए करो, बनिया बोला महाराज इससे तो हाहाकार मच जाएगा, राजा बोला इसकी चिंता तुम मत करो, तुम 10 रुपए दाम कर दोगे तो मेरे राजा होने का क्या फायदा, तुम अपना फायदा देखो और 30 रुपए दाम कर दो, अगले दिन बनिये ने रोटी का दाम बढ़ाकर 30 रुपए कर दिया, शहर में हाहाकार मच गया, तभी सभी जनता राजा के पास पहुंचे, बोले महाराज यह बनिया अत्याचार कर रहा है, 5 की रोटी 30 में बेच रहा है, राजा ने अपने सिपाहियों को बोला उस गुस्ताख बनिए को मेरे दरबार में पेश करो, बनिया जैसे ही दरबार में पहुंचा, राजा ने गुस्से में कहा गुस्ताख तेरी यह मजाल तूने बिना मुझसे पूछे कैसे दाम बढ़ा दिया, यह जनता मेरी है तू इन्हें भूखा मारना चाहता है, राजा ने बनिए को आदेश दिया तुम रोटी कल से आधे दाम में बेचोगे, नहीं तो तुम्हारा सर कलम कर दिया जाएगा, राजा का आदेश सुनते ही पूरी जनता ने जोर से बोला.... महाराज की...

नया भारत

 यह तय है कि फेसबुक इस पोस्ट की रीच घटा देगा मगर क्या वह बात न कही जाए, जो दिल को आँसुओं से भिगो रही है .. जब कश्मीर में गिरती हुई बर्फ़ के बीच राहुल ने 3960 किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हुए कहा, मैं वह फोन कॉल की परम्परा मिटा देना चाहता हूँ, जिसका दर्द मैंने 14 साल की उम्र में सहा और 21 साल की उम्र दोबारा उसकी तड़प को महसूस किया.. मैं यह सुनते हुए रोने लगा, मेरा गला भर आया क्योंकि बहुत छोटी उम्र में ऐसी ही फोन कॉल ने हमें स्कूल से बुलवाया था, जब मेरे आंगन में मेरे सबसे चेहते चचाजान के टुकड़ों में बंटी लाश आई थी.. यह हमने देखा था, एक और लाश हमारे एक पुरखे की भी थी, तब भी एक फोन आया था, बंटवारे में उनको भी शहीद किया गया था, हमने जब अपने चचाजान की खबर सुनी थी तो हम तब तड़प उठे थे, जब राहुल ने कहा तो वह दर्द उभर आया, लगा यही वह बात है जो हमारी देश की सेना के परिवारों, सीआरपीएफ के जवानो के घरों में खुटके की तरह रहती है ... जब राहुल ने कहा हम अपने देश से ऐसी हर कॉल को खत्म करना चाहते हैं जो भयंकर दुःख की सूचना लाए तो लगा यही तो हमारी बात है, यही तो देश चाहता है, यही तो भारत की सच्ची आत्मा ह...

आए गजब नतीजे अखबार देख लेना ,इस बार साइकिल की रफ्तार देख लेना

  बीजेपी ने बुजुर्गों की बेइज्जती का इतिहास बना दिया है, अटल जी पोस्टर से गायब, आडवाणी जी पिक्चर से गायब,जोशी जी को सम्मान नहीं दिया,यशवंत सिन्हा का हाल देख लीजिए।   जिन्होंने अपने बुजुर्गों का अपमान किया वो जनता का सम्मान कैसे कर सकते हैं।#भाजपा_गद्दी_छोड़ो   👉👻👉 दो हफ्ते में दूसरी बार बढ़े एलपीजी सिलिंडर के दाम, घर चलाने में हो रही है दिक्कत। आजतक की संवाददाता प्रेमा राजाराम ने एक गृहिणी से की बात जिन्होंने बताया कि कैसे सिलिंडर की बढ़ती कीमत बिगाड़ रही है घर का बजट।